कृषि विभाग का बड़ा फैसला: अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते इस वर्ष किसानों को मिलेगा कम यूरिया और डीएपी, सरकार ने जारी किए दिशा-निर्देश

Mahasamund

May 26, 2026 - 11:45
May 26, 2026 - 12:10
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कृषि विभाग का बड़ा फैसला: अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते इस वर्ष किसानों को मिलेगा कम यूरिया और डीएपी, सरकार ने जारी किए दिशा-निर्देश

कृषि विभाग का बड़ा फैसला: अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते इस वर्ष किसानों को मिलेगा कम यूरिया और डीएपी, सरकार ने जारी किए दिशा-निर्देश

रायपुर:

अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और वैश्विक बाजार में हो रहे बदलावों का असर अब सीधे कृषि क्षेत्र पर दिखने लगा है। राज्य सरकार ने चालू वर्ष के लिए यूरिया और डीएपी (DAP) की आपूर्ति को लेकर नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार द्वारा तय की गई नई नीति के अनुसार, इस वर्ष किसानों को पिछले साल के मुकाबले रासायनिक खादों का कोटा कम दिया जाएगा।

खाद वितरण के लिए बीते वर्ष किसानों को दी गई उर्वरक की मात्रा को ही आधार बनाया गया है, जिसके तहत इस साल का कोटा तय किया गया है।

खादों के वितरण के लिए नया फार्मूला:

किसानों को होने वाली असुविधा से बचाने और खेतों की उर्वरकता बनाए रखने के लिए सरकार ने वितरण का एक नया अनुपात तय किया है:

यूरिया वितरण (80% पारंपरिक, 20% नैनो/वैकल्पिक):

इस वर्ष किसानों को पिछले साल के मुकाबले केवल 80 प्रतिशत मात्रा ही पारंपरिक (दानेदार) यूरिया के रूप में मिलेगी। शेष 20 प्रतिशत मात्रा या तो स्टॉक की उपलब्धता के आधार पर दी जाएगी, या फिर किसानों को उसके बदले नैनो यूरिया का विकल्प अपनाना होगा।

डीएपी वितरण (60% पारंपरिक, 40% एनपीके/नैनो):

डीएपी के मोर्चे पर कटौती और अधिक है। इस वर्ष किसानों को पिछले वर्ष की तुलना में केवल 60 प्रतिशत ही पारंपरिक डीएपी दिया जाएगा। बाकी की 40 प्रतिशत कमी को पूरा करने के लिए सरकार वैकल्पिक तौर पर एनपीके (NPK) उर्वरक या नैनो डीएपी उपलब्ध कराएगी।

वैकल्पिक और नैनो उर्वरकों पर रहेगा जोर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि रासायनिक उर्वरकों की वैश्विक किल्लत और कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह कदम उठाना अनिवार्य था। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले से किसानों में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसी आधुनिक तकनीकों के प्रति रुझान बढ़ेगा, जो न सिर्फ पर्यावरण के अनुकूल हैं बल्कि परिवहन और छिड़काव में भी बेहद आसान हैं।

विभाग की अपील: कृषि विभाग ने सहकारी समितियों और मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों (जैसे एनपीके और नैनो खादों) के उपयोग और उनके फायदों के बारे में जागरूक करें, ताकि फसलों के उत्पादन पर कोई विपरित असर न पड़े।

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Tikesh Bariha I am A TGIN Digital Media Reporter Indian human Rights District president Mahasamund Chhattisgarh