महासमुंद में मेहरबान मानसून: झमाझम बारिश से जिला सराबोर, पिथौरा में सबसे ज्यादा बरसे बादल

Mahasamund

Jul 17, 2026 - 17:41
Jul 23, 2026 - 13:22
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महासमुंद में मेहरबान मानसून: झमाझम बारिश से जिला सराबोर, पिथौरा में सबसे ज्यादा बरसे बादल

महासमुंद में मेहरबान मानसून: झमाझम बारिश से जिला सराबोर, पिथौरा में सबसे ज्यादा बरसे बादल

महासमुंद।

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में इस वर्ष मानसून पूरी तरह से मेहरबान नजर आ रहा है। जिला प्रशासन महासमुंद द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, जिले में लगातार हो रही मानसूनी बारिश से चारों तरफ हरियाली छा गई है और खेती-किसानी के काम में तेजी आ गई है। 1 जून से 17 जुलाई तक के आंकड़ों पर नजर डालें, तो जिले में अब तक 370.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जो कृषि और जल संरक्षण के लिहाज से बेहद उत्साहजनक है।

पिथौरा और सरायपाली में रिकॉर्ड बारिश

जिले में तहसीलवार बारिश के आंकड़ों को देखें तो इस बार पिथौरा ब्लॉक में सबसे ज्यादा मानसूनी बादल बरसे हैं। पिथौरा में 1 जून से 17 जुलाई तक कुल 486.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो जिले में सर्वाधिक है। वहीं दूसरे नंबर पर सरायपाली तहसील है, जहां अब तक 469.4 मिमी वर्षा हो चुकी है। जिला मुख्यालय महासमुंद में 360.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा बसना में 316.9 मिमी, बागबाहरा में 311.1 मिमी और कोमाखान में 281.2 मिमी कुल औसत वर्षा दर्ज की गई है।

17 जुलाई (आज) की स्थिति: दिनभर होता रहा रिमझिम और तेज वर्षा का दौर

अगर सिर्फ आज यानी 17 जुलाई की बात की जाए, तो जिले की आज की औसत वर्षा 31.4 मिमी रही। आज भी पिथौरा ही बारिश के मामले में सबसे आगे रहा, जहां आज एक ही दिन में 57.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

इसके साथ ही अन्य तहसीलों में आज की बारिश की स्थिति कुछ इस प्रकार रही:

बसना: 44.1 मिमी

सरायपाली: 35.9 मिमी

महासमुंद: 23.1 मिमी

बागबाहरा: 19.5 मिमी

कोमाखान: 8.5 मिमी

खेती-किसानी में लौटी रौनक, किसान खुशहाल

"बरसात की रफ्तार से हरियाली की बहार, महासमुंद में खुशहाल हो रहा खेती का संसार।" जिला प्रशासन के इस संदेश को धरातल पर सच होते देखा जा सकता है। अच्छी बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया है, जिससे किसानों ने धान की बोआई, थरहा (नर्सरी) लगाने और रोपाई के कार्यों में पूरी ताकत झोंक दी है। नदी-नाले और तालाब भी धीरे-धीरे लबालब होने लगे हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मानसून की यही रफ्तार आगे भी बनी रही, तो इस साल महासमुंद जिले में धान की बंपर पैदावार होने की पूरी संभावना है।

जिला प्रशासन और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी जिले के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है और नदी-नालों के किनारे रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

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Tikesh Bariha I am A TGIN Digital Media Reporter Indian human Rights District president Mahasamund Chhattisgarh