*रायपुर:* छत्तीसगढ़ में ड्रम, बोतल और जारकिन में पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर रोक लगी। राज्य सरकार ने जमाखोरी रोकने को कंटेनरों में ईंधन देने पर सख्ती बढ़ाई। उल्लंघन पर पंप बंद करने तक कार्रवाई होगी। सिर्फ वाहन टंकी में ही ईंधन मिलेगा
Chhattisgarh
छत्तीसगढ़
रायपुर। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक परिस्थितियों के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। सरकार ने नागरिकों से किसी भी तरह की अफवाहों में न आने और पैनिक बाइंग (घबराहट में ईंधन जुटाने) से बचने की अपील की है।
खाद्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के सभी 2,516 पेट्रोल पंपों पर वर्तमान में 4.35 करोड़ लीटर पेट्रोल और 8.15 करोड़ लीटर डीजल का सरप्लस स्टॉक मौजूद है।
मांग और आपूर्ति का पूरा गणित
राज्य में रबी फसल की कटाई और खरीफ सीजन की तैयारियों के चलते डीजल की मांग में इजाफा हुआ है। इसे देखते हुए सरकार ने आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है।
दैनिक आपूर्ति: केवल एक दिन में ही राज्य को 32.52 लाख लीटर पेट्रोल और 57.60 लाख लीटर डीजल प्राप्त हुआ है।
प्रमुख डिपो सक्रिय: लखौली, मंदिर हसौद और गोपालपुर स्थित ऑयल कंपनी डिपो से सभी जिलों की मांग के अनुसार लगातार सप्लाई भेजी जा रही है।
समीक्षा बैठक: खाद्य सचिव ने तेल कंपनियों के साथ आपात बैठक कर निर्देश दिए हैं कि किसी भी पेट्रोल पंप को 'ड्राई आउट' (ईंधन खत्म) न होने दिया जाए।
ड्रम और जेरीकेन में ईंधन की बिक्री पर तत्काल रोक, किसानों को बड़ी राहत
जमाखोरी और असुरक्षित भंडारण को रोकने के लिए राज्य शासन ने एक बड़ा आदेश जारी किया है। अब प्रदेश के किसी भी पेट्रोल पंप पर ड्रम, जेरीकेन या बोतलों में खुले आम पेट्रोल-डीजल बेचने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी: यदि कोई पंप संचालक इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो इसे 'अप्राधिकृत विक्रय' (Unauthorized Sale) माना जाएगा। ऐसे मामलों में मोटर स्पिरिट और उच्च वेग डीजल आदेश 2005 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इन क्षेत्रों को मिलेगी विशेष छूट:
खेती-किसानी के सीजन और आवश्यक सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने के लिए सरकार ने नियमों में कुछ ढील भी दी है। निम्नलिखित क्षेत्रों को सुरक्षा मानकों के पालन की शर्त पर छूट मिलेगी:
किसान: रबी और खरीफ फसलों की तैयारी के लिए।
अत्यावश्यक सेवाएं: अस्पताल, एम्बुलेंस और मोबाइल टावर।
शासकीय कार्य: जिला कलेक्टर द्वारा चिन्हित सरकारी निर्माण कार्य।
प्रशासन का संदेश: ईंधन की कोई कमी नहीं है, व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है। कृपया अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के मुताबिक ही ईंधन खरीदें।
न्यूज रिपोर्टर Tikesh Bariha
महासमुंद छत्तीसगढ़
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