दिल दहला देने वाली शर्मनाक घटना कानपुर से 16 साल के शिवम कोरी के साथ जातिवाद दुर्व्यवहार किया गया ।
*दिल दहला देने वाली शर्मनाक घटना – कानपुर से*
*कहाँ:* झकरा, संभरपुर, थाना सचेंडी, जिला कानपुर
*कब:* 2 मई, सुबह 9 बजे
*किसके साथ:* 16 साल का नाबालिग शिवम कोरी और उसके गरीब पिता
*क्या हुआ?*
प्यास लगी तो हैंडपंप से लोटे-बाल्टी में पानी पी लिया। बस इतना सा “गुनाह”।
मनुवादी सोच के दबंग टूट पड़े। बर्बरता से पीटा।
गरजे – “हमारा धर्म भ्रष्ट कर दिया, लोटे से पानी पिया है!”
पानी पीना जुर्म हो गया।
16 साल के बच्चे की देह पर जाति का कोड़ा बरसा।
बाप-बेटे की चीखें दबंगों के ठहाकों में दब गईं।
*सवाल समाज के ठेकेदारों से:*
200 से ज्यादा सामाजिक संगठन, दर्जनों राष्ट्रीय अध्यक्ष, स्वघोषित मसीहा...
22 करोड़ की आबादी वाले समाज के एक गरीब नाबालिग बेटे पर कहर टूटा है।
अब कहाँ है तुम्हारा खून?
कब खौलेगा जमीर?
कौन उतरेगा सड़क पर शिवम को न्याय दिलाने?
या फिर मंच, माला और माइक तक ही समाजसेवा है?
*याद रखो:*
लोटा अछूत नहीं होता, सोच अछूत होती है।
पानी पीने से धर्म नहीं, अधर्म भ्रष्ट होता है।
अगर आज शिवम के लिए नहीं बोले, तो कल तुम्हारे घर का दीया भी ऐसे ही बुझेगा।
*माँग:*
1. आरोपियों पर SC/ST एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी हो।
2. पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मुआवजा मिले।
3. SP कानपुर आउटर और CM योगी आदित्यनाथ संज्ञान लें।
जातिवाद का ये भूत जब तक जिंदा है, तब तक “आजादी” अधूरी है।
शिवम को न्याय दो, वरना इतिहास माफ नहीं करेगा।
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*कविता: एक घूँट पानी, सौ जख्म*
हैंडपंप रोया उस दिन,
जब एक बच्चे ने प्यास बुझाई।
लोटा उठा था बस होठों तक,
पर जाति की दीवार उठ आई।
16 बरस की देह पर,
कोड़े बरसे बेरहम।
बाप देखता रहा बेबस,
टूटा कलेजा, फूटा भरम।
गरजे वो – “धर्म भ्रष्ट हुआ!
नीच ने लोटा छू लिया!”
अरे! धर्म तुम्हारा इतना कच्चा,
जो एक घूँट पानी से बह लिया?
पानी से नहीं, नफरत से,
इंसानियत डूबी है।
लोटा नहीं अछूत,
तुम्हारी सोच सड़ी-गली दूबी है।
200 संगठन, मंच, माला,
भाषणों में आग लगाते हो।
22 करोड़ का एक बेटा पिटा,
तुम AC में खर्राटे लगाते हो?
आज शिवम की पसलियाँ टूटी हैं,
कल तुम्हारे घर मातम होगा।
आज जो चुप हो तमाशा देख रहे,
कल तुम्हारा भी लहू लाल होगा।
तिरंगे से पूछो जरा,
क्या यही आजादी पाई है?
जब पानी पीने पर बच्चे की,
साँस अधूरी रह जाए।
उठो! अब बहुत हुआ,
खामोशी अब गुनाह है।
शिवम का हर आँसू कहता है,
इंकलाब ही अब राह है।
न्याय दो, इंसाफ दो,
वरना कुर्सियाँ हिला देंगे।
एक बच्चे के लहू का हिसाब,
हम इतिहास से दिला देंगे।
_जय संविधान – जय भीम – जय इंसानियत_
_अरविंद अनुरागी_
_पूर्व जिलाध्यक्ष, अखिल भारतीय कोरी कोली समाज_
_छतरपुर, म.प्र. | 8827044900_
#JusticeForShivamKori #पानी_पर_पहरा_क्यों #जातिवाद_का_अंत_हो
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