छत्तीसगढ़ नारायणपुर में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता: मिली है टेकला के जंगलों से भारी मात्रा में हथियार और तोयामेटा से 24 लाख रुपये नगद बरामद किया

छत्तीसगढ़ नारायणपुर बस्तर संभाग

Jun 27, 2026 - 11:59
Jun 27, 2026 - 12:02
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छत्तीसगढ़ नारायणपुर में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता: मिली है टेकला के जंगलों से भारी मात्रा में हथियार और तोयामेटा से 24 लाख रुपये नगद बरामद किया

छत्तीसगढ़ नारायणपुर में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता: मिली है टेकला के जंगलों से भारी मात्रा में हथियार और तोयामेटा से 24 लाख रुपये नगद बरामद किया गया है

 छत्तीसगढ़ रायपुर / नारायणपुर:

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से माओवाद की समस्या के लगभग खात्मे के बाद अब सुरक्षा बलों का अभियान पूरी तरह से सर्चिंग और माओवादियों द्वारा छिपाई गई संपत्तियों व हथियारों की बरामदगी पर केंद्रित हो गया है। इसी कड़ी में जवानों को एक बार फिर बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सुरक्षा बलों ने नारायणपुर के अलग-अलग इलाकों से भारी मात्रा में गोला-बारूद, अत्याधुनिक राइफलें और लाखों रुपये की नगदी बरामद की है।

जंगलों में छिपे थे इंसास और SLR जैसे घातक हथियार

मिली जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बल के जवानों ने नारायणपुर जिले के टेकला के घने जंगलों में एक विशेष खोज अभियान चलाया। इस सर्चिंग के दौरान जवानों को माओवादियों द्वारा डंप करके रखी गई हथियारों की एक बड़ी खेप मिली। बरामद की गई सामग्रियों में शामिल हैं:

अत्याधुनिक राइफलें: इंसास (INSAS), एसएलआर (SLR), और थ्री-नॉट-थ्री (303) जैसी घातक राइफलें।

गोला-बारूद: भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और विस्फोटक सामग्री।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन हथियारों को माओवादियों ने सुरक्षा बलों के खिलाफ बड़ी साजिश रचने के उद्देश्य से छिपा कर रखा था, जिसे जवानों की मुस्तैदी ने नाकाम कर दिया।

तोयामेटा पहाड़ी से 24 लाख रुपये की 'लेवी' राशि बरामद

एक अन्य बड़ी कार्रवाई में, नारायणपुर के ही छोटेडोंगर क्षेत्र के तोयामेटा जंगल और पहाड़ी इलाकों से सुरक्षा बलों ने माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए 24 लाख रुपये नगद बरामद किए हैं। माना जा रहा है कि यह राशि माओवादियों द्वारा ठेकेदारों, व्यापारियों और स्थानीय स्तर पर वसूली (लेवी) के जरिए इकट्ठा की गई थी, जिसे उन्होंने छिपने के ठिकानों पर डंप कर दिया था।

माओवाद के खात्मे के बाद 'क्लीन-अप' ऑपरेशन तेज

नारायणपुर और आसपास के इलाकों से माओवादी बैकफुट पर हैं। यही वजह है कि अब सुरक्षा बल के जवान अंदरूनी इलाकों के जंगलों को पूरी तरह से सुरक्षित करने (क्लीन-अप ऑपरेशन) में जुटे हुए हैं। बस्तर संभाग के इस संवेदनशील क्षेत्र में जवानों की इस कार्रवाई से माओवादियों के बचे-कुचे नेटवर्क और उनकी आर्थिक रीढ़ को एक और करारा झटका लगा है। इलाके में सर्चिंग ऑपरेशन अभी भी जारी है।

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Tikesh Bariha I am A TGIN Digital Media Reporter Indian human Rights District president Mahasamund Chhattisgarh