सरायपाली : दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत हितग्राहियों को राशि वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस योजना के माध्यम से भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे उनकी जीवन स्थिति में सुधार हो सके। कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन ने हितग्राहियों को सीधे उनके खातों में राशि हस्तांतरित की, जिससे उन्हें अपने कृषि कार्यों में मदद मिलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इस अवसर पर अधिकारियों ने योजना के लाभों और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी।

महासमुंद

Mar 25, 2026 - 20:37
Mar 25, 2026 - 21:30
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सरायपाली : दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत हितग्राहियों को राशि वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस योजना के माध्यम से भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे उनकी जीवन स्थिति में सुधार हो सके। कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन ने हितग्राहियों को सीधे उनके खातों में राशि हस्तांतरित की, जिससे उन्हें अपने कृषि कार्यों में मदद मिलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इस अवसर पर अधिकारियों ने योजना के लाभों और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी।
सरायपाली : दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत हितग्राहियों को राशि वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस योजना के माध्यम से भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे उनकी जीवन स्थिति में सुधार हो सके। कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन ने हितग्राहियों को सीधे उनके खातों में राशि हस्तांतरित की, जिससे उन्हें अपने कृषि कार्यों में मदद मिलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इस अवसर पर अधिकारियों ने योजना के लाभों और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी।

महासमुंद जिले के सरायपाली में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत जनपद पंचायत सरायपाली के मनरेगा भवन में हितग्राहियों को राशि वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।

कार्यक्रम में श्रीमती कुमारी भास्कर सभापति जिला पंचायत महासमुंद उपस्थित रहीं। इसके अलावा जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी पटेल, उपाध्यक्ष श्री मुकेश धर्मेंद्र चौधरी, एस डी एम सुश्री अनुपमा आनंद, जनपद सदस्य श्री उद्धव नन्द जी, श्री रशिम लाल पटेल जी तहसीलदार श्रीधर पंडा एवं अधिकारी कर्मचारी गण भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत शैलचित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस योजना के तहत भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई, जिससे उनकी जीवनशैली में सुधार लाने में मदद मिलेगी

विष्णुदेव साय के सुशासन में आज जिले के 35,226 हितग्राहियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि अंतरित की गई है, जिससे उन्हें त्वरित लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने सभी लाभार्थियों को बधाई दी।

इस अवसर पर श्रीमती कुमारी भास्कर ने कहा छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के शिल्पकार भूमिहीन कृषि मजदूर अब आर्थिक सुरक्षा के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ न केवल एक वित्तीय सहायता कार्यक्रम है, बल्कि यह समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन देने का एक महायज्ञ भी है।

इस योजना के तहत इस साल 4,95,965 भूमिहीन हितग्राहियों के खाते में सीधे 10,000 रुपये की धनराशि प्रत्येक हितग्राही के मान से अंतरित की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। इस सूची में 22 हजार 28 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत के रक्षक हैं।

राज्य सरकार ने पिछले वर्ष भी इस योजना के माध्यम से रिकॉर्ड सहायता प्रदान की थी। साल 2025 में कुल 5,62,112 हितग्राहियों को 10,000 रुपये के हिसाब से 562 करोड़ 11 लाख 20 हजार रुपये की राशि वितरित की गई थी। आंकड़ों का यह निरंतर प्रवाह दर्शाता है कि राज्य सरकार भूमिहीन परिवारों के आर्थिक सुधार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

25 मार्च को बलौदाबाजार की धरती से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राशि अंतरित की, जो छत्तीसगढ़ के 'न्याय और विकास' के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस पहल से भूमिहीन परिवारों को आर्थिक सहायता मिलेगी और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।

इस योजना के तहत इस साल 4,95,965 भूमिहीन हितग्राहियों के खाते में सीधे 10,000 रुपये की धनराशि प्रत्येक हितग्राही के मान से अंतरित की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। इस सूची में 22 हजार 28 बैगा और गुनीया परिवार भी शामिल हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत के रक्षक हैं।

राज्य सरकार ने पिछले वर्ष भी इस योजना के माध्यम से रिकॉर्ड सहायता प्रदान की थी। साल 2025 में कुल 5,62,112 हितग्राहियों को 10,000 रुपये के हिसाब से 562 करोड़ 11 लाख 20 हजार रुपये की राशि वितरित की थी। आंकड़ों का यह निरंतर प्रवाह दर्शाता है कि राज्य सरकार भूमिहीन परिवारों के आर्थिक सुधार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

25 मार्च को बलौदाबाजार की धरती से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राशि अंतरित किये तो वह छत्तीसगढ़ के ‘न्याय और सुशासन’ की गूंज हैं। ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार की नीत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो विकास की किरण हर झोपड़ी तक पहुंचती है। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका समावेशी स्वरूप है।

इस वर्ष की लाभार्थी सूची में 22,028 बैगा और गुनीया परिवार भी शामिल हैं। ये वे लोग हैं जो हमारी प्राचीन औषधीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखे हुए हैं। सरकार ने उन्हें आर्थिक सहायता देकर उनके पारंपरिक ज्ञान और संस्कृति को सम्मान दिया है।

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Tikesh Bariha I am A TGIN Digital Media Reporter Indian human Rights District president Mahasamund Chhattisgarh